देशभर में बनेंगे 15 लॉजिस्टिक पार्क !

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने कतथा परिवहन लागत के साथ ही वस्तुओं की कीमत में कमी लाने के लिए सरकार देश के 15 प्रमुख व्यापार केंद्रो पर लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करेगी। इस परियोजना पर 33 हजार करोड़ रुपए का खर्च होने का अनुमान है। लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का मकसद देश के विभिन्न हिस्सों से बड़े ट्रकों, मालगाड़ियों अथवा जलपोतों के जरिए आने वाले सामानों का क्षेत्रीय स्तर पर एक जगह अस्थायी भंडारण करना और बाद में छोटे ट्रकों के जरिए उसे नियत स्थानीय खपत केंद्रों तक पहुंचाना है। लॉजिस्टिक पार्कों में कंटेनर व पार्सल के अलावा घरेलू उपयोग की वस्तुएं , खाद्य तेल दूध व दूध से बने उत्पाद, चावल, गेहूं, चना व दालें, फल व सब्जियां, रूई, लकड़ी एवं प्लाईवुड, कागज उत्पाद, बिजली का सामान, भवन निर्माण सामग्री , सीमेंट व स्ट्रक्चरल्स, ग्रेनाइट व संगमरमर, लोहा एवं इस्पात, भारी मशीनरी, कोयला, पेट्रोलियम तथा लौह अयस्क जैसी वस्तुओं का अस्थायी भंडारण किया जाएगा।

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कहां-कहां बनेंगे लॉजिस्टिक पार्क
सबसे बड़ा लॉजिस्टिक पार्क दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा) में बनेगा। जबकि मुंबई (मुंबई, उपनगरीय इलाके, जेएनपीटी पोर्ट, मुंबई पोर्ट तथा रायगढ़ जिला) का दूसरा नंबर होगा। इसके अतिरिक्त उत्तरी गुजरात ( गहमदाबाद व वड़ोदरा) व दक्षिणी गुजरात (सूरत व भड़ौच) तथा उत्तरी पंजाब (अमृतसर, जालंधर व गुरदासपुर) व दक्षिण पंजाब (लुधियाना, संगरूर और पटियाला) के लॉजिस्टिक पार्क भी काफी बड़े होंगे। अन्य पार्क चेन्न्ई, हैदराबाद, जायपुर, कांडला, बैंगलुरु, पुणे विजयवाड़ा, कोच्चि और नागपुर में स्थापित होंगे।
कोलकाता या पूर्वी भारत को फिलहाल लॉजिस्टिक पार्क के लायक नहीं समझा गया है। जबकि गुजरात में सबसे ज्यादा तीन लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे। लॉजिस्टिक पार्कों के लिए कुल मिलाकर 4816 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इसमें 2000 एकड़ का इस्तेमाल स्टोरेज स्पेस क रूप में जबकि 1600 एकड़ का वाहन पार्किंग, रेस्त्रां, ड्राइवर रेस्टिक एरिया, फ्यूल स्टेशन, सर्विस/इंटरमोडल एरिया व अन्रू सहायक ढांचों के निर्माण में किया जाएगा। पार्कों के लिए भूमि अधिग्रहण पर 10665 करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया है । दिल्ली एनसीआर का लॉजिस्टिक पार्क 856 एकड़ जमीन पर बनेगा।
इस पर 6431 करोड़ रुपए की लागत आंकी गइ्र है। जबकि मुंबई पार्क 813 एकड़ में 5818 करोड़ रुपए से बनेगा। उत्तरी पंजाब पार्क में 1704 करोड़ का खर्च आएगा और इसके लिए 267 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह दक्षिणी पंजाब का पार्क 1505 करोड़ की लागत से 226 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। उत्तरी गुजरात का पार्क 488 एकड़ में 2668 करोड़ क खर्च से बनेगा। जबकि 1579 करोड़ लागत वाला दक्षिणी गुजरात का पार्क 279 एकड़ में फैला होगा। पार्कों के निर्माण व प्रबंधन के लिए सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी में एक मल्टीमॉडल कंपनी का गठन करेगी। इसमें सड़क परिवहन मंत्रालय, रेल मत्रालय तथा जहाजरानी मंत्रालय की हिस्सेदारी होगी।। इसके प्रबंधन एवं संचालन के लिए पीपीपी आधार पर निजी क्षेत्र को भागीदार बनाया जा सकता है।

Source : http://goo.gl/MRA95U

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