देश में 27 HIGHWAY का ग्रिड बचाएगा समय और दूरी होगी कम

देश में एक लाख किलोमीटर से ज्यादा हाईवे हैं लेकिन वैज्ञानिक तौर पर एक भी ऐसी सड़क नहीं बनाई गई है जिसपर ड्राइवर कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक सीधे हाईवे पर चल सके। उसे शहरों और गांवों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया ने विदेशों की तर्ज पर देश में भी स्ट्रेट (सीधे) हाईवे बनाने के प्रोजेक्ट पर विचार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए 27 हॉरिजोंटल और वर्टिकल नेशनल हाईवे कॉरिडोर की पहचान कर ली गई है।highways-india

  • 12 वर्टिकल (उत्तर से दक्षिण), 15 हॉरिजोंटल (पूर्व से पश्चिम) तक बनाए जाएंगे हाईवे, सभी प्रमुख शहरों को किया जाएगा हाईवे से लिंक
  • कॉरिडोर में फिलहाल 36,600 किमी हाईवे, इनमें 18,800 किमी ही है फोर लेन
  • सरकार इस योजना पर 25000 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार

यह हाईवे हर 250 किलोमीटर पर एक दूसरे से मिलेंगे। एनएचएआई सूत्रों के अनुसार यह सभी हाईवे फोर लेन होंगे और इन्हें ज्यादा चौड़ा बनाया जाएगा ताकि ड्राइविंग सेफ और आरामदायक हो सके। कश्मीर से कन्याकुमारी, पोरबंदर से कोलकाता, सूरत से पारादीप पोर्ट, रामेश्वरम से देहरादून और मंगलोर पोर्ट से चेन्नई के बीच पहचान किए गए इन कॉरिडोर की कुल लंबाई 36,600 किलोमीटर है। इसमें से 30,100 किलोमीटर पहले से ही हाईवे हैं लेकिन 18,800 किलोमीटर हाईवे ही फोरलेन हैं। इसके अलावा बाकी की सड़कें या तो सिंगल हैं या फिर डबल लेन।
और करीब 6500 किलोमीटर सड़क तो नेशनल हाईवे से मिलती ही नहीं हैं। ये या तो स्टेट हाईवे हैं या फिर जिले के विभिन्न स्थानों को एक दूसरे से जोड़ने वाली सड़कें। एनएचएआई सूत्र के अनुसार प्रोजेक्ट के तहत इन सड़कों को नेशनल हाईवे बनाने के साथ ही फोर लेन किया जाएगा। सरकार इन सड़कों की फोरलेनिंग पर 25000 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना रही र्है। अधिकारी के अनुसार नेशनल हाईवे ग्रिड बन जाने के बाद सरकार नेशनल हाईवे को नए नाम देगी ताकि उनको पहचानना आसान हो सके। उदाहरण के तहत पूर्व से पश्चिम को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे ग्रिड ईवन नंबर से शुरू होंगे। जबकि आॅड नंबर वाले नेशनल हाईवे उत्तर को दक्षिण से जोड़ेंगे।
अधिकारी के अनुसार नेशनल हाईवे के इस जाल के बिछने से सरकार की भावी वाटरवेज योजना समेत अन्य प्रोजेक्टों को भी पंख लग जाएंगे। यह हाईवे देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों से जुड़े होंगे जिसका कार्गो को काफी फायदा होगा। एक कोन से दूसरे कोने से सीधे हाईवे होने के कारण जल्द से जल्द माल पहुंच सकेगा। सूत्रों के अनुसार सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस योजना पर राज्यों से चर्चा की है और उनकी प्रतिक्रिया मांगी हैं।

एनएचएआई ने मार्च में दी थी प्रेजेंटेशन

सूत्रों के अनुसार एनएचएआई ने मार्च 2016 में नेशनल हाईवे ग्रिड की प्रेजेंटेशन नितिन गडकरी को दी थी। कहा था कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ राज्यों और उनकी राजधानी के बीच बेहतर कनेक्टिविटि बढ़ाना ही नहीं है बल्कि इससे हाईवे बेहतर हो जाएंगे और देश के 12 मुख्य बंदरगाहों, 53 लाख में से 45 लाख शहरों व 26 राज्यों की राजधानियों के लिए बेहतर सड़क तैयार होगी। साथ ही देश के मुख्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच आसान हो जाएगी। एनएचएआई ने कहा कि नए नेशनल हाईवे ग्रिड तैयार होने से शहर को बेहतर कनेक्टिविटि मिलेगी। गौरतलब है कि यूपीए-2 के समय तत्कालीन परिवहन मंत्री कमलनाथ ने भी एनएच को नया रूप देने की योजना बनाई थी लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ी थी।

Source:- http://goo.gl/XUejO1

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